श्री गंगोत्री धाम — Darshan Information
🟩 (दर्शन जानकारी)
🔸 दर्शन जानकारी | Darshan Information
मंदिर में दर्शन केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक शांति का अनुभव है। प्रत्येक श्रद्धालु को दर्शन से पूर्व मंदिर की मर्यादा, समय-सारिणी एवं नियमों की जानकारी होना आवश्यक है, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
मंदिर में प्रातःकालीन आरती से लेकर सायंकालीन आरती तक दर्शन की व्यवस्था रहती है। विशेष पर्वों, उत्सवों एवं यात्रा काल के दौरान दर्शन हेतु अतिरिक्त व्यवस्थाएँ की जाती हैं। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे निर्धारित समय में दर्शन करें और मंदिर समिति एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
दर्शन के समय श्रद्धालु मर्यादित एवं स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, कैमरा, नशीले पदार्थ एवं अनुचित व्यवहार वर्जित है। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था उपलब्ध रहती है।
Darshan at the temple is not merely a ritual, but a sacred spiritual experience filled with devotion, discipline, and inner peace. Devotees are requested to be aware of temple timings, rules, and traditions to ensure smooth and peaceful darshan.
The temple remains open for darshan from morning aarti to evening aarti. During festivals, special occasions, and peak pilgrimage seasons, additional arrangements are made. Devotees are advised to follow all guidelines issued by the temple committee and administration.
Proper and modest attire is mandatory inside the temple premises. Use of mobile phones, cameras, intoxicants, and inappropriate behavior is strictly prohibited. Special assistance is provided for senior citizens, women, and differently-abled devotees.
- दर्शन समय | Darshan Timings –
प्रातः 6:15 से 9:00 बजे तक
दोपहरबाद 3:00 से 7:20 PM तक
संध्या – 8:30 से 9:30 PM तक
9 :00 AM से 9:30 AM – राजभोग
दोपहर 2:00 PM बजे से 3:00 PM तक शयन
- आरती समय | Aarti Timings
प्रातः 6:00 बजे से 6:30 AM तक
संध्या आरती – 7:45 से 8:30 PM तक
नोट – शरद नवरात्रि के पश्चात उपरोक्त समय सारिणी में आधा घंटे का अन्तराल घटाकर दर्शन, आरती इत्यादि किये जाते है .
- दर्शन नियम | Darshan Rules
कृपया पंक्तिबद्ध हो कर शांति से दर्शन करें ,बुजुर्गों और बीमार लोगों को पहले अवसर दें , फोटोग्राफी , वीडियोग्राफी पूर्णतः वर्जित है. अनावश्यक मांग या बहस करना , शोरगुल करना, मंदिर की सम्पति से अनावश्यक छेड़खानी करना भी पूर्णतः वर्जित है .
- विशेष पर्व दर्शन | Festival Darshan
-अक्षय तिथि , गंगा सप्तमी, गंगा दशहरा , पर्व स्नान आदि विशेष पर्वों पर अगर लागु हो तो दर्शन हेतु अलग से भी ब्यवस्था है जिसमे विशेष पूजन हेतु ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमो से बुकिंग की जा सकती है .
🟩 ONLINE PUJA
(ऑनलाइन पूजा)
🔸 ऑनलाइन पूजा सेवा | Online Puja Services
जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाते, उनके लिए मंदिर समिति द्वारा ऑनलाइन पूजा सेवा प्रदान की जाती है। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालु दूर रहकर भी अपनी श्रद्धा, संकल्प एवं पूजा-अर्चना मंदिर तक पहुँचा सकते हैं।
ऑनलाइन पूजा मंदिर की वैदिक परंपराओं के अनुसार योग्य एवं अनुभवी तीर्थ पुरोहितो/आचार्यों द्वारा संपन्न की जाती है। श्रद्धालु अपनी इच्छानुसार पूजा का चयन कर सकते हैं, जैसे विशेष पूजा, अभिषेक, आरती अथवा पर्व विशेष अनुष्ठान।
पूजा बुकिंग के पश्चात श्रद्धालु को पूजा की रसीद एवं संकल्प विवरण प्रदान किया जाता है। कुछ पूजाओं में प्रसाद वितरण एवं पूजा से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है। यह सेवा देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं व्यस्त भक्तों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
For devotees who are unable to visit the temple in person, the Temple Committee provides Online Puja Services. Through this facility, devotees can offer prayers, sankalp, and rituals from anywhere in the world.
All online pujas are performed strictly according to Vedic traditions by experienced and authorized priests of the temple. Devotees may choose from various pujas such as special rituals, abhishek, aarti, or festival-specific ceremonies.
After successful booking, devotees receive a puja receipt and details of the ritual performed. In selected pujas, prasad and puja updates are also provided. This service is especially beneficial for senior citizens, devotees living abroad, and those with time constraints.
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- ऑनलाइन पूजा बुक करें | Book Online Puja
- पूजा सूची | Puja List
- पूजा रसीद | Puja Receipt
- प्रसाद सेवा | Prasad Service
🟥 IMPORTANT NOTE
श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि दर्शन एवं ऑनलाइन पूजा हेतु केवल आधिकारिक वेबसाइट यथा www.shrigangotridhammandirsamiti.org एवं अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें। किसी भी प्रकार की फर्जी कॉल, लिंक या एजेंट से सावधान रहें।
Devotees are advised to use only the official website and authorized platforms for darshan and online puja services. Please beware of fake calls, links, or unauthorized agents
गंगोत्री मंदिर का इतिहास और स्थापत्य
वर्तमान गंगोत्री मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में गोरखा सेनापति अमर सिंह थापा द्वारा कराया गया। मंदिर श्वेत ग्रेनाइट पत्थरों से निर्मित है और उत्तर भारतीय नागर शैली की सरल किन्तु भव्य वास्तुकला का उदाहरण है। गर्भगृह में माँ गंगा की दिव्य प्रतिमा प्रतिष्ठित है।
मंदिर की पूजा-अर्चना की परंपरा सदियों से मुखबा गाँव के सेमवाल ब्राह्मणों द्वारा निभाई जाती रही है। शीतकाल में भारी हिमपात के कारण माँ गंगा की प्रतिमा को मुखबा गाँव में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जहाँ शीतकालीन पूजा निरंतर चलती रहती है।