गंगोत्री धाम हिंदू धर्म में गंगा नदी का पवित्र उद्गम स्थल माना जाता है। यह चारधाम यात्रा का दूसरा धाम है, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु माँ गंगा के दर्शन और पूजन के लिए आते हैं। इस यात्रा की तैयारी, पंजीकरण, नियम और सावधानियाँ समझना आवश्यक है ताकि तीर्थयात्रा सुरक्षित, सुगम और दिव्य अनुभव में बदल सके।
📅 यात्रा का उपयुक्त समय
गंगोत्री धाम समुद्र तल से ऊँचाई पर स्थित होने के कारण ठंड का अनुभव यहाँ अधिक होता है। गंगोत्री मंदिर आम तौर पर अप्रैल/मई में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खुलता है और दिवाली/भाईदूज के समय फिर शीतकाल के लिए बंद हो जाता है। इस दौरान सड़कें पैदल मार्ग और मौसम अनुकूल होने से यात्राएँ सुगम होती हैं।
सबसे अच्छा समय आमतौर पर अप्रैल के अंत से अक्टूबर के अंत तक होता है। मानसून (जुलाई-अगस्त) के दौरान भारी वर्षा और भूस्खलन की संभावना होती है, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए।
📌 पंजीकरण (Registration) — अनिवार्य प्रक्रिया
यात्रा पर निकलने से पहले पंजीकरण (Registration) अनिवार्य है। यह न केवल प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में मदद करता है, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी आवश्यक है।
✔️ ऑनलाइन पंजीकरण (Official Portal):
आप सरकारी Char Dham Registration Portal पर जाकर आप मुफ्त में पंजीकरण कर सकते हैं।
➡️ लिंक: https://registrationandtouristcare.uk.gov.in (सरकारी पोर्टल)
✔️ मोबाइल ऐप:
‘Tourist Care Uttarakhand’ नामक मोबाइल ऐप (Android/iOS) से भी पंजीकरण कर सकते हैं।
✔️ WhatsApp पंजीकरण:
Mobile से +91 8394833833 पर “Yatra” मैसेज भेजकर भी पंजीकरण संभव है।
✔️ ऑफलाइन पंजीकरण:
हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी या गंगोत्री में मौजूद पंजीकरण काउंटर पर भी पंजीकरण कर सकते हैं।
📍 पंजीकरण के बाद एक टोकन/QR कोड मिलता है, जो आपको मंदिर प्रवेश और दर्शन के समय दिखाना होता है।
सतर्कता: कुछ स्थानों पर फर्जी रजिस्ट्रेशन कराने के मामले सामने आए हैं, इसलिए हमेशा सरकारी पोर्टल या अधिकृत केंद्रों से ही रजिस्ट्रेशन कराएँ।
🛣️ यात्रा मार्ग — कैसे पहुँचें
गंगोत्री यात्रा की शुरुआत अक्सर हरिद्वार या ऋषिकेश से होती है क्योंकि ये बड़े ट्रांसपोर्ट हब हैं।
🚗 सड़क मार्ग (Road Route)
सबसे सामान्य और सुगम मार्ग है:
हरिद्वार/ऋषिकेश/देहरादून → उत्तरकाशी → हर्षिल → गंगोत्री
यह मार्ग लगभग 280-300 किमी लंबा है और नज़दीकी उत्तरकाशी तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य आधार शहर है।
👉 उत्तरकाशी से गंगोत्री तक सड़क अच्छी तरह से पक्की है, लेकिन यह पहाड़ी मार्ग है, इसलिए ऊँचाई, मोड़ और मौसम के बारे में जानकारी पहले से ले लें।
👉 ध्यान दें कि पेट्रोल पंप केवल उत्तरकाशी तक सीमित हैं; आगे के मार्ग पर ईंधन के लिए स्टॉक भर कर रखें।
🚕 यात्रा की तैयारी — आवश्यक चीजें
🔹 दस्तावेज़:
✔ पंजीकरण पर्ची/QR
✔ फोटो ID (आधार/पासपोर्ट/वोटर कार्ड)
🔹 कपड़े:
ऊँचाई वाली ठंड के लिए ऊनी कपड़े, जैकेट, टोपी, दस्ताने।
🔹 स्वास्थ्य किट:
पहाड़ की यात्रा के दौरान सिर दर्द, सांस में कमी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं — इसलिए औषधियाँ, ORS और प्राथमिक उपचार किट साथ रखें।
🔹 पर्याप्त जल और भोजन:
ऊँचाई पर निर्जलीकरण जल्दी हो सकता है — पानी बार-बार पिएं।
🏨 रहने और भोजन के विकल्प
🔹 गंगोत्री में होटल और गेस्टहाउस:
धाम के आसपास छोटे-छोटे होटल और धर्मशालाएँ उपलब्ध हैं, लेकिन भीड़ के समय जल्दी बुकिंग आवश्यक है।
🔹 उत्तरकाशी, नेताला , मनेरी और गंगनानी / धराली – हर्सिल:
ये गंगोत्री से पहले ठहरने के अच्छे विकल्प हैं, जहाँ भोजन और आराम सुनिश्चित रहता है।
📜 नियम और सावधानियाँ ✔ धार्मिक आचार संहिता: यात्रा पवित्र आयोजन है — शराब, नशा आदि का उपयोग सख्ती से मना है और पुलिस निगरानी रहती है।
✔ रास्ते में मौसम अपडेट: पहाड़ी मौसम बदलता रहता है — यात्रा से पहले मौसम अपडेट चेक करें।
✔ ड्राइविंग सावधानियाँ: मोड़दार रास्तों पर दिन में ही यात्रा करें और रात के समय ड्राइविंग से बचें।